गयाजी में अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेला की शुरुआत
यह पितृपक्ष महासंगम 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें 10 से 12 लाख पिंडदानी व तीर्थ यात्री आकर अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने हेतु पिंडदान करेंगे। सीएम ने अपने उद्घाटन भाषण में यह गया जी में अधिकारियों को कहा कि पितृपक्ष मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधाएं प्रदान करें, ताकि "अतिथि देवो भव" की भावना को लेकर वे अपने घर को यहां से वापस संदेश लेकर जाएं।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी तथा अन्य मंत्रियों, विधायकों ने मिलकर"अंतरराष्ट्रीय विष्णुपद पितृपक्ष मेले" का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गयाजी में 3500 करोड़ से तैयार किए जानेवाले "विष्णुपद-कॉरिडोर" बनाने की घोषणा की, जिसमें केन्द्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर कार्य करेगी। इसमें अकेले 2500 करोड़ रुपए की राशि कॉरिडोर के विकास में लगाये जायेंगे। उन्होंने यह कहा कि यह राज्य में किसी मंदिर के विकास के लिए अबतक की यह सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है।उन्होंने पूरे राज्य के विकास के लिए कई योजनाओं की भी घोषणाएं की।
मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान स्थित "टेंट-सिटी"जिसमें 5000 यात्रियों की मुफ्त आवासन की जिला प्रशासन कीओर व्यवस्था की गई है, वहां आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि फल्गु नदी को सालों भर जलमग्न रखने के लिए हमने सरकार से इंद्रपुरी बराज से पानी लेंगे। इसके अलावा अक्टूबर महीने से बोधगया में 20000 करोड़ रुपए के निवेश से औद्योगिक विकास का काम उतारना शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि फल्गु नदी को माता सीता के श्राप से मुक्त कर, इसे अतः शकील से बदलकर सतत सलीला बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 1000 करोड रुपए खर्च कर इंद्रपुरी बराज से औरंगाबाद और शेरघाटी होते हुए बोधगया तक पानी लाया जायेगा। इस परियोजना पर राज्य कैबिनेट में अपनी मुहर लगा दी है । इस स्कीम को पूरा होने से फल्गु नदी में पूरे वर्ष पानी उपलब्ध रहेगा,जिससे सालोभर पिंड दानियों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने गया जी के औद्योगिक विकास के लिए जोर देते हुए बताया कि आईएमएससी के तहत बोधगया में लगभग 20000 करोड रुपए का निवेश होगा। इसका काम अक्टूबर माह से शुरू हो जाएगा। उन्होंने हवाई कनेक्टिविटी पर विशेष रूप से जोड़ देते हुए कहा कि केंद्रीय उड्डयन मंत्री अगले महीने बिहार आयेंगे और जो कई नए एयरपोर्ट को हैंडओवर करेंगे। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के आग्रह पर गयाजी और दिल्ली के बीच दो नई हवाई सेवाएं शुरू करने की दिशा में काम चल रहा है, इसकी जानकारी भी लोगों को दी गई।
मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरस्वती विद्या निकेतन के नाम से 7 00 मॉडल स्कूल खोले गए हैं, जहां छात्रों को मुफ्त में जेईई और नीट की तैयारी कराई जा रही है। "विद्यार्थी साथी ऐप" के जरिए 1.42 लाख बच्चे रात एक बजे तक ऑनलाइन पढ़ाई भी कर रहे हैं। इसके अलावा 15 जुलाई को राज्य में 211 नए डिग्री कॉलेज भी शुरू किए गए हैं। उन्होंने रोजगार पर चर्चा करते हुए कहा कि 2030 के चुनाव से पहले राज्य के एक करोड़ नौजवानों को रोजगार दिया जाएगा और एक करोड़ महिलाओं को जीविका से जोड़कर लखपति दीदी मनाया जाएगा। वर्तमान में 43 लाख जीविका दीदियां लखपति बन चुकी हैं।
इस अवसर पर "पावन तीर्थ गयाजी " पुस्तक का उन्होंने विमोचन किया और बोधगया में 20000 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गया जी में फल्गु नदी के किनारे भूसंडा खेल मैदान को स्टेडियम बनाने, हवाई सेवा बढ़ाने, अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने समेत कई मांगों को मुख्यमंत्र के सामने रखी।
यह पितृपक्ष महासंगम 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें 10 से 12 लाख पिंडदानी व तीर्थ यात्री आकर अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने हेतु पिंडदान करेंगे। सीएम ने अपने उद्घाटन भाषण में यह गया जी में अधिकारियों को कहा कि पितृपक्ष मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर सुविधाएं प्रदान करें, ताकि "अतिथि देवो भव" की भावना को लेकर वे अपने घर को यहां से वापस संदेश लेकर जाएं।

Guest Editor
डॉ.शत्रुघ्न डांगी
इतिहासकार एवं पुरातत्वविद

