सीजेपी नेताओं की रिहाई पर विवाद, स्पेशल मजिस्ट्रेट को धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज!
दिल्ली पुलिस ने जमानत की कार्यवाही के दौरान स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को कथित तौर पर धमकी देने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की रिहाई याचिका की सुनवाई में देरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच नया घटनाक्रम सामने आया है।
दिल्ली पुलिस ने जमानत की कार्यवाही के दौरान स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को कथित तौर पर धमकी देने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
फिलहाल, धमकी देने के आरोपियों की पहचान सामने नहीं आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सीजेपी का आरोप है कि दोनों नेताओं के जमानतदारों के दस्तावेजों की जांच में देरी की गई। पार्टी के मुताबिक, चार जमानतदारों को साफ वजह बताए बिना खारिज कर दिया गया। जमानत के लिए बैंक की मुहर वाली फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद को दोबारा मंजूरी के लिए पेश करने पर भी पार्टी ने सवाल उठाए।
विदित हो कि, जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटाने के एक दिन बाद आशुतोष और सौरव वहां तिरंगा लेकर पहुंचे थे। उनके साथ कुछ प्रदर्शनकारी भी थे। पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया था।
सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों नेताओं को जेल में रखने के लिए जमानत की प्रक्रिया में देरी की जा रही है। सीजेपी की ओर से कहा गया है कि दोनों की रिहाई के लिए आगे भी कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
Guest Author
प्रमेश झा
देश के कई मीडिया चैनलों में वीटी एडिटर के तौर पर काम करने का 18 वर्षो का अनुभव और संदर्भित लेखन में रूचि ।


